Sound of Vedic Spirituality ~ Naad
Naad or vibrations have been existing from eternal and will be existing to the eternal and thus explore the dimensions of vibrations.

Experience Naad Lok
Experience the rich cultural heritage of India at the Grand Naad Celebration, where traditional music and spiritual vibrations converge in a mesmerizing display of sound and rhythm. In the land where music is deeply intertwined with spirituality, this celebration offers a unique opportunity to immerse yourself in the mystical realm of Naad Lok
- Date : 9th April to 16 April
- Time : Morning 8AM to 1PM, Evening 3PM to 6PM
- Location : Millenium Depo
वैज्ञानिक इस निष्कर्ष पर पहुँचे हैंकि एक भयंकर नाद के साथ ही पृथ्वी का प्रादुर्भा व हुआ। वही नाद आज भी हमारे जीवन में ऐसा रच बस गया है कि हमारे धार्मि क स्थलनि नाद से गंुजायमान हैं। भारत ही नहीं विश्व की अनेक धार्मि क धरोहरों में घंटी की प्रति ध्वनि कर्णगत होती है।
भारत के प्रत्येक भारतीय हि न्दू घरों में भी प्रातः सायं की जाने वाली भगवान् की आरती में भी घंटि यों की
चिरपरि चित मधुर ध्वनि सुनाई देती है। नाद की उन्हीं तरंगों से हमारी चेतना को स्पंदित कर हमारे सहस्रार काजागरण करने हेतु नाद लोक सुसज्जित किया जा रहा है। इस नाद लोक में वेदों में वर्णि त वि शेष धातुओं के सटीक उपकरणों का प्रयोग करके विभिन्न नदियों का सृजन किया जाएगा और संयुक्त राष्ट्र नादो से एक व्यक्ति विशेष पर क्या असर पड़ता है इस पर अनुसन्धान होगा की जाएगी
नादलोक
नाद से ही ब्रह्माण्ड की उत्पत्ति है।नाद ब्रह्मलोक की अज्ञात आलौकिक अनुभूति है। वैदिक ऋषियों द्वारा ध्वनि तरंगों के माध्यम से आत्मिक जागृति के लिए अनुसंधानजन्य जिन धातु- यंत्रों का आविष्कार किया गया, उनकी ध्वनि के माध्यम से साधकों को आलौकिक आनन्द की अनुभूति होगी।
नाद रूपी शिवः।
Shiva (the divine) is in the form of sound.
Shiva Sutras (Sutra 1.3)